Monday, 3 August 2020

Brain Rules Book Summary in Hindi


Brain Rules Book  Summary in Hindi

यह किताब क्यों पढ़ें : दोस्तो Brain Rules Book  Summary in Hindi में पढ़कर आप जानेंगे कि  हमारे ब्रेन के 12  सीक्रेट rules  क्या हैं।  इन 12 Rules  को पढ़कर आप अपने दिमाग की  शक्ति को 12  गुना बढ़ा सकते हैं। तथा दूसरों  से ज्यादा सफल बन सकते हैं।  ज्यादा पैसा और खुशी  पा सकते हैं।

Book  Summary

दोस्तो,

आज हम psychology की एक  bestseller  किताब की book  summary देने जा रहे हैं।  किताब का  नाम है - Brain  Rules  ।  इसे  Dr. John Medina  ने  लिखा है।
नीचे इसी किताब की समरी  दी गयी है।
(Brain Rules Book  Summary in Hindi) 

किताब में 12   सीक्रेट रूल्स बताये गए है।  इन सभी रूल्स को समझिये और इस्तेमाल करना शुर कीजिय। लाइफ में काफी पॉजिटिव बदलाव आएगा ।

आइये बुक समरी पढ़ते है।

पहले सब रूल्स की लिस्ट देख लेते हैं:

1) Survival. The हुमा ब्रेन इवॉल्वड तो survive.
ह्यूमन का ब्रेन ज़िंदा रहने के लिए इवॉल्वे करता रहा है )

2) Exercise. Exercise एंहांसेस ब्रेन पावर

3) Wiring. आल ब्रेन्स अरे डिफरेंटली वायर्ड
हर दिमाग अलग होता hai

4) Attention. Brain चैंट पाय मच ttention to boring things.
ब्रेन बोरिंग चीजों पर धायण नहीं दे पाटा hai

५) Short-term memory.
(कुछ चीजों को ब्रेन सिर्फ थोड़े समय यद् रखता ह।

6) Long-term मेमोर।
कुछ चीजों को ब्रेन लम्बे समय तक याद रख सकता hai

७) Sleep.
ाची नींद ब्रेन को हेअल्थी रखती hai

८)स्ट्रेस : स्ट्रेस में ब्रेन कोई भी काम अचे तरीके से नहीं केर पता ह।

९) Sensory इंटीग्रेशन: सभी ५ सेंस ऑर्गन्स ब्रेन को परहवीत करते रहते है।

१०) विज़न: दिमाग देखकर चीजें जायदा सेक्खता है

११) Gender. Male and female के ब्रेन में बहुत से अंतर पाए जाते hain.

१२) एक्सप्लोरेशन: ब्रेन एक्स्प्लोर करने के लिए बन है


आइये अब विस्तार से इन रूल की चरचा करते हैं:


1 ) Survival :  इंसान  का Brain ज़िंदा रहने के लिए evolve (बदलाव)करता रहा है

Brain  ने survive  करना सीखा है। नहीं तो अब तक हम लोग ख़त्म हो चुके होते।

आपने खुद देखा होगा कैसे पहले चेचक जैसी महामारियाँ  होती थीं।  लेकिन Brain  ने खुद को evolve  किया।  मतलब परिस्थितियों कि हिसाब से खुद को change किया।  जिससे हमने मेडिकल में इतनी तरक्की कर ली और बिमारियों से लड़ने की दवाइयां तैयार कर लीं। जिससे इंसान survive  करने  में सफल रहा।

इंटरनेट के अविष्कार से तो सूचना जगत  में क्रांति ही आ गयी।

तो क्या आप भी अपने  Brain  की  evolve होने में मदद करवा रहे हैं?

मतलब टाइम के साथ -साथ नयी स्किल सीख रहे हैं ? आज you -tube  और इंटरनेट पर काफी चीजें available  हैं जहाँ से आप काफी कुछ सीख सकते हैं ।

इस blog  पर भी तरह-तरह की किताबों की summary  पढ़कर भी आप evolve  हो सकते हैं।  और दूसरों से ज्यादा smart  और intelligent  बन सकते है।

लेकिन इसके लिए आपको पढ़ने की आदत बनानी होगी। इसलिए आप ब्लॉग को अभी subscribe  कर लीजिये। इस से आपको हर हफ्ते  Best books की summary  e-mail से मिलेगी।  इस से आप भूलेंगे भी नहीं।  और हर हफ्ते नया कुछ सीखते रहेंगे।


2) एक्सरसाइज: Exercise  करने से brain power  बढ़ती है

Exercise  करने के फायदे तो सबको पता हैं।
लेकिन ऑथर बताते हैं कि exercise  से केवल बॉडी बिल्डिंग ही नहीं होती बल्कि  Brain भी पावरफुल बनता है।

Brain को ज्यादा  oxygen  मिलती है, blood  circulation  ज्यादा होता है।  और Brain बहुत एक्टिव हो जाता है।
Stress  और depression भी दूर हो जाता है।
 
Lazy  लोगों का दिमाग उनकी तरह ही सुस्त हो जाता है।

बहुत से लोग exercise  नहीं करते हैं।  उन्हें लगता है exercise  सिर्फ gym  में ही होती है।  और उनके पास इतना टाइम नहीं है।

लेकिन ऐसा बिलकुल नहीं है।

आप 15  minute,  अगर walk भी करेंगे तो भी बहुत फायदा मिलेगा।

थोड़े से push -ups  और sit-ups  भी कर  लें तो आपकी  body भी toned  हो जाएगी और Brain पावर भी बहुत बढ़ जाएगी ।

तो आज से ही exercise  करने की आदत डाल  लीजिये।

3) Wiring :  हर दिमाग अलग होता है।

दोस्तो, बचपन से ही सब हमें यही बताते आये  हैं कि सबक  Brain  एक जैसा  होता है।  लेकिन लेखक कहते  हैं कि ऐसा बिलकुल नहीं है। 

सबका Brain  अलग  तरह से wired  होता है। Wiring  का मतलब है Brain के  cells  (neurons ) की arrangement।
यह arrangement  हर Brain  में अलग होती है।  इसलिए हर Brain  अलग तरह से काम करता है।

क्या आपके पेरेंट्स ने कभी  कहा है कि देखो उस रिश्तेदार  के बेटे  के maths (या अन्य subject ) में कितने  ज्यादा marks आये  हैं, तुम्हारे  क्यों  नहीं आते?
किसी न किसी बच्चे को तो ऐसा कहा ही जाता है।

लेकिन यही लोगों की गल्त  सोच है।

हो सकता है आपका दिमाग maths  के लिए न बना हो।

आपक Brain  बिज़नेस  के लिए बना हो।
youtuber  बनने  के लिए बना हो ।
एक्टर बनने के लिए बना हो
या कोई खिलाडी बनने के लिए बना हो।

क्युँकि आपके ब्रेन की wiring  उस रिश्तेदार कि बच्चे से अलग तरह की होगी। 
इसलिए आपने देखा क्यों ऐसी किताबें पढ़ना जरुरी है।  Otherwise  सारी सोसाइटी की सोच वही दकियानूसी विचारों वाली रहेगी।

Anyways हमें अपनी ब्रेन की पावर खुद पहचाननी होगी कि वो किस चीज के लिए बना है।  फिर उस  talent  पर लग कर काम करना चाहिए। आपको सफलता जरूर मिलेगी।

अगर आप पेरेंट्स हैं तो अपने बच्चों को दूसरों के साथ compare करना बिल्कुल बंद केर देना चाहिए।
इस से बच्चे के आत्म - विश्वास में कमी आती ह।  उसमे हीन भावना घर कर जाती है । फिर वो अपनी खूबी को भी निखार नहीं पाता और life में दूसरों से  पीछे रह सकता है।

इसके बजाय आपको उसकी खूबियों  की पहचान करनी चाहिए। उनकी तारीफ करनी चाहि। और बच्चे का carrier  उसी दिशा में आगे बढ़ाना चाहिए।


4) Attention : Brain boring चीजों पर ध्यान  नहीं दे पाता।

दोस्तो, बोरिंग चीजें किसे अच्छी लगती हैं। 

फिर वो चाहे बोरिंग मूवी हो या teacher का lecture।

आपने खुद देखा होगा, कुछ टीचर कितना बेकार पढ़ाते हैं और बोर कर देते हैं।
उनका लेक्चर सुनकर students  को नींद आने लगती है।

न तो उनके लेक्चर में energy  होती है  न कुछ नयापन।

अगर आप ऐसे टीचर हैं तो अपने पढ़ाने के तरीके  में कुछ नयापन लाइए।
किताब से उठाकर जैसे का तैसे मत बोल  दीजिये।

थोड़ी मेहनत कीजिये।  इंटरनेट और you -tube  पर सीखिए। सीखने की कोई उम्र नहीं होती।

नए और  इंटरेस्टिंग example  लाइए। 
रोचक कहानियां ढूंढिए। बच्चों को motivate  करिये । 

तभी आप एक अच्छे टीचर बन पाएँगे और बच्चे भी आपकी respect  करेंगे।

5) Short-term memory : कुछ चीजों को ब्रेन सिर्फ थोड़े समय के लिए याद रख पाता है।

दोस्तों जो चीजें ज्यादा interesting  नहीं होतीं उनके लिए हमारी memory  केवल short  term  होती है।
जैसे क्लास के लेक्चर का example  फिर से ले सकते हैं।

अगर आपको उस टॉपिक में interest  नहीं है तो आपका ब्रेन उसे केवल short  term  के लिए याद रखता है।
1 -2  घंटे बाद उसे भुला देता है।

लेकिन अगर आपको मार्क्स लेने हैं तो याद तो रखना ही पड़ेगा।  चाहे वो कितना भी बोरिंग हो।

इसके लिए लेखक ने ट्रिक बताई  है - रिपीट कीजिये।

आप अपने टॉपिक को 5  बार रिपीट करिये।
रात को सोने से पहले, सुबह उठकर, तीसरे दिन, फिर  सातवें दिन, 15  दिन में और 1  महीने बाद ।

इतना करने पर आपकी शार्ट टर्म memory  लॉन्ग टर्म में बदल जाएगी।
आपके ज्यादा मार्क्स आयेंगे।
और आप चीजों  को देर  तक  याद रखने लगेंगे।

बहुत से स्टूडेंट्स exam  आने पर ही किताब खोलते हैं।  तो अब इस आदत को बदल दीजिये।  15  minute ही सही टॉपिक का revision जरूर कीजिये। 

6) Long-term memory: कुछ चीजों को ब्रेन लम्बे समय तक याद रख सकता है।

अगर कोई चीज बहुत ज्यादा खुशी या गम से जुडी होती है तो Brain को देर तक याद रहती है।

यही कारण है कि दोस्तों के साथ ट्रिप हमें कभी नहीं भूलती।

अगर कोई छोटा-बड़ा एक्सीडेंट भी हुआ हो तो वो भी कभी नहीं भूलता। 

इसलिए हमें किसी भी टॉपिक को अगर याद करना है तो उसे interesting  बना कर समझने या  समझाने   की कोशिश  करनी चाहिए।  इस से ब्रेन उसे लम्बे समय तक याद रख सकता है। 

ऊपर repeat करने का ट्रिक तो बताया ही गया है।

7 ) Sleep : अच्छी  नींद ब्रेन को healthy  रखती है। 

Brain  को स्वस्थ रखने के लिए अच्छी नींद लेना  बहुत जरुरी है।  दोस्तो क्या आपको पता है जा हम सोते हैं तो
हमारी  body खुद को 80 % तक हील करती है।

Brain भी दिन भर कि बुरे विचारों और दूसरे कचरे को साफ़ करता है।

आपने देखा भी  होगा किसी से झगड़ा होने पर आपका मूड खराब हो जाता है।  लेकिन जब आप अगले दिन सोकर उठते हैं तो आप अच्छा महसूस करते हैं।  क्युँकि नींद कि दौरान Brain आपके लिए  बुरे विचारों को साफ़ कर देता  है।

हर दिन हमारे  Brain के cells (neurons) भी मरते रहते हैं।  सोते समय Brain इन neurons को फिर से बनता है। जिससे  हमारा  Brain ठीक से काम कर पाता है।

जो लोग  लेट सोते हैं, या ठीक से नींद नहीं लेते उनके Brain की ability कम  हो जाती है।  ऐसे लोगों को anxiety  और depression  भी होने लगता है।  डेमेंटिया (याददाश्त की कमी)  और  hallucination (चीजें दिखना) भी हो सकते हैं। वे गुस्सैल और चिड़चिड़े भी हो जाते हैं।

इसलिए 8  घंटे की नींद जरूर लें। आपका दिमाग हमेशा स्वस्थ रहेगा।

8) Stress: Stress में Brain  कोई भी काम अच्छे तरीके से नहीं कर पाता है।

Stress हमारे  Brain के लिए सही नहीं है।
क्युँकि Stress  से हमारे  बहुत से neurons  जल्दी मरने लगते हैं। इस से memory और intelligence  पर बहुत प्रभाव पड़ता है।

अगर आप घर का Stress  ऑफिस लेकर जायेंगे तो ठीक से अपना काम नहीं कर पाएँगे।  और vice - versa   भी ऐसा  ही होगा।

इसलिए Stress  से दूर रहिये।

खुश रहें और खुश रखें।  आखिर इंसान की life बहुत छोटी  होती  है।

योग, meditation  और exercise  करते रहें।

9 ) Sensory integration. सभी 5  sense  organs  ब्रेन को प्रभावित करते  हैं।

दोस्तो हमारी  5  ज्ञानेन्द्रियाँ  (sense  organs) होती हैं।  Brain पावर को बढ़ाने  के लिए सभी 5  sense  organs को तेज कर लेना चाहिए।

Sense  of  Smell : हमारी smell  के लिए - फूलों की खुशबू बहुत अच्छी होती है। पहली बारिश के वक़्त मिटटी की सोंधी -सोंधी खुशबू किसके ब्रेन को सुकून नहीं देती!

वैसे ही चाय, कहवा  या chocolate  की smell  भी तरोताज़ा कर देती है।

Sense  of  Sound : music  सुनने से Brain relax feel  करता है और Stress  दूर होता है ।
लेकिन quality  music ऐसा करता है  न कि  आजकल मशीनो से बनाया हुआ शोर वाला म्यूजिक।

Mozart  और Beethoven  का म्यूजिक सच में ब्रेन को हील कर सकता है।

दोस्तो आप भी अपनी पसंद  का म्यूजिक कुछ  देर कि लिए रोज़ सुने।

Sense  of  touch : जैसे माँ का स्पर्श पल भर में ही आपको खुशी से भर देता है।  आपकी सारी चिंता दूर हो जाती है।

छोटे बच्चों को गोदी में उठाने पर भी प्यार और आनंद  की अनुभूति होती है।

Loved  one को hug  करना भी Brain को happiness  और bliss  से भर देता है।

तो Brain पावर को बढ़ने के लिए सभी इन्द्रियों को तरह -तरह से तरोताज़ा करते रहना चाहिए।

इन्द्रियां भी खुश और ब्रेन भी खुश। 


10 ) Vision : सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण दृष्टि  होती है।

सभी ज्ञानेन्द्रियों में सबसे ज्यादा  याद रखने में सहायता करती है -  दृष्टि। या Sense  of  sight ।

हम देखी हुई चीज को ज्यादा याद रख पाते हैं, वजाय सुनी हुई चीज के।

आप अपनी क्लास के बच्चों के चेहरों को याद रख पाते हो लेकिन उनके नाम शायद आप भूल जायें।
कुछ साल उनसे न मिलें तो नाम तो बिलकुल ही भूल जाते हैं।  लेकिन चेहरे नहीं।

ऐसे ही किसी स्टोरी को पढ़कर आप उसे भूल जाते हैं।  लेकिन अगर उस पर फिल्म बन जाये तो उसका एक-एक scene  आपको याद रहता है।

सोचिये अगर maths  का टीचर अगर बोल कर ही आपको question  समझाए तो  क्या किसी को समझ आ पायेगा?
जब टीचर बोर्ड पर लिख कर समझाता  है और आप उसे देख पाते हैं तभी आपको समझ आता है।

इसलिए आप भी हो सके तो tough  चीजों को देख कर समझने की कोशिश करें।

जैसे अपने goal  को कॉपी में लिखकर देखें।  आपको अपना उद्देश्य ज्यादा समझ आएगा।


11 ) Gender  : Male  और Female  का Brain बहुत अलग होता है। 

एक experiment  में पुरुष और महिलाओं को horror film   दिखाई गयी।

Males में दिमाग  का Right हिस्सा एक्टिव दिखा।
जबकि female  में Left  वाला हिस्सा  एक्टिव हुआ।

इसका मतलब है मर्द और औरत अलग-अलग तरीके से emotions  को प्रोसेस करते हैं।

Puberty  (किशोरावस्था) आने पर भी मेल और फीमेल में अलग -अलग behavior  दिखाई देते हैं।

लड़के  anti -social  हो जाते हैं। गुस्सैल और तोड़-फोड़ मचाने लगते हैं।
जबकि लड़कियाँ  emotional  हो जाती हैं। जरा-जरा सी बात पर नाराज हो जाती हैं। या रोने भी लगती हैं।

इसलिए psychology  को समझ कर ही बर्ताब करना चाहिए।

12 ) Exploration : Brain  explore  करने यानि खोज-बीन करने के लिए बना  है।

Human  का ब्रेन चीजों को  explore  करने के लिए बना है।

बचपन में हमारे  Brain में बहुत curiosity  होती है। हम बहुत से सवाल  पूछते हैं और उनके जवाब जानना चाहते हैं।

लेकिन जैसे -जैसे हम बड़े होते हैं, स्कूल-और कॉलेज वाले हमारी curiosity  को मार देते हैं।

वो हम पर पका -पकाया syllabus  थोप  देते हैं।
Exam कि नाम पर हम topics  को रट्टा मारने  लगते हैं। हमारी curiosity  की कोई कदर नहीं करता।
कोई स्टूडेंट खुद की poems  या stories  भी तो लिख सकता है।  लेकिन क्यूंकि ऐसा सिलेबस में नहीं है। कोई हमारी poem  नहीं पढ़ना चाहता।

इसके अलावा  सोसाइटी तरह-तरह के डर  हमारे अंदर बिठा देती है।  यह मत करो, वो मत करो।
ये हो जायेगा, वो हो जायेग।

मतलब बच्चा अपना कुछ नया सोच ही नहीं सकता।

इस सबसे हमारा Brain संकुचित होकर रह जाता है। हमारी curiosity  ख़त्म हो जाती है।  हम कुछ भी explore  करने से डरते हैं। और हम लाइफ में कुछ बड़ा नहीं कर पाते।

लेकिन जिन लोगों में ये curiosity  और explore  करने  की quality  बची रह जाती है, वो बहुत बड़े scientist, traveler, business person, entrepreneur  आदि बन जाते हैं।

Einstein  ने कहा था - I am not a genius, I am just curious.

मतलब मैं जीनियस इसलिए बन पाया क्युँकि मैं चीजों के रहस्य को जानने का बहुत इच्छुक रहता हूँ। 

तो दोस्तो आप भी क्यूरोसिटी को ज़िंदा रखिये।  अगर कोई आपके सवाल का जवाब नहीं दे रहा है, तो भी उस सवाल को अपने अंदर ज़िंदा रखिये।  एक दिन आप उसका जवाब खुद ढूंढ लेंगे।

या दूसरे शब्दों में कहें तो - अपने अंदर की आग को बुझने मत दीजिये।


दोस्तो,
आशा है आपको Brain Rules Book  Summary in Hindi  पसंद आयी होगी।

comment  करके बताइए आपको कौन सा रूल सबसे अच्छा लगा जिसे आप आज से ही follow  करना शुरू करेंगे।

पढ़ने के लिए धन्यवाद।

(प्लीज लिखे, शेयर एंड सब्सक्राइ।  शेयरिंग इस caring। आपके लिए आगे भी ऐसी रोचक समरी म्हणत से बनता रहूंगा )


किताब खरीदें : दोस्तो, Brain Rules Book की  Summary में केवल ब्रीफ में ही सब बताया गया ह।  लेकिन अगर आप डिटेल्स में एक-एक पॉइंट पढ़ना चाहते हैं तो इस किताब को अमेज़न और फ्लिपकार्ट से इंग्लिश और हिंदी दोनों में खरीद सकते है।
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